कितना समय और गंवाना है ?
जी हाँ बात थोड़ी कड़वी है मगर बताये कि कितना समय और गंवाना है ?
तुम्हारी माँ उस उम्र से सपना देख रही है जब तुम ढंग से बोलना भी नहीं जानते थे कि मेरा बेटा एक दिन मेरे सारे सपने पुरे करेगा , तुम्हारा बाप जो कि कभी कहता नहीं है मगर वो भी इंतजार में बैठा है एक दिन ये कुछ करेगा कुछ करेगा।।।

तुम्हारी माँ तुमसे अच्छा तुमसे होनहार बेटा किसी को मानती नहीं है, तुम्हारी बहन, या तो उसकी शादी हो गयी या फिर अभी तक नहीं हुई वो भी इंतजार मे बैठी है, कब उसका भाई अपनी कही हुई सारी बाते पूरी करेगा कि बहन तू देखना एक दिन मैं बड़ा आदमी बनूंगा,बड़ा आदमी बनूंगा।।।
और बेचारी एक दिन अपनी ससुराल चली जाएगी मगर तुम वैसे ही रहोगे और बनते रहना फिर बड़े आदमी। वो तो बस दूर से ही सुनकर खुश हो जाया करेगी की तुमने आज ये कर लिया आज वो कर लिया। .
और आपकी पत्नी ??
वाह। सबसे ज्यादा बेवकूफ तो आप इसी का बनाते हो , कुछ बड़ा करूंगा मुझपे विश्वास रख, विश्वास रख, वो बेचारी १० साल तो गए विश्वास करते करते, और पता नही उसको भी कितना विश्वास करना है।. बच्चे भी बेचारे रोज झेलते है की कब पापा एक दिन हमसे किया हुआ कोई एक भी पूरा कर पाएंगे। .

पता नही कब आप उन्हें उनके पसंद के स्कूल में भेजेंगे ? पता नही कब वे दुसरो बच्चो की तरह हाई क्लास लाइफ जिएंगे ? पता नही कब ?

अब आपके पास सीधा सीधा सा एक जवाब है कि कोशिश तो करता हूँ..
और मेरा भी जवाब है कि हाँ सिर्फ कोशिश ही तो। … और किया ही क्या इसके अलावा ?

मैंने पहले ही कहा था कि बाते कड़वी है। ……
कोशिश से काम नहीं चलेगा, कुछ करना पड़ेगा , जिंदगी रोज कम हो रही है , क्या मुह लेकर जाओगे इस दुनिया से ?

रोज समय मांगते हो , माँ से बाप से , बहन से, पत्नी से, बच्चो से , दोस्तों से कि बस एक साल और दे दो , बस दो महीने और दे दो, बस ६ महीने और दे दो। . मगर जब समय पूरा हो जाता है तो रिजल्ट वही का वही.…
और बेशर्मो की तरह फिर लग जाते हो समय मांगने ?

जानते तो तुम सफल क्यों नहीं होते ?
क्योंकि तुम कुछ करना ही नहीं चाहते, किसी चमत्कार के इंतजार में हो। . और जो होने वाला नहीं है , एकदम से सफल होने के चक्क्रर में हो , जोकि कभी होने वाला नही है,

अपने आपको बदलना नही चाहते, कुछ नया सीखना नही चाहते, तुम्हारे अंदर एक वहम घुसा हुआ कि तुम सब जानते हो, तुम्हे लगता है कि आखिर किसकी मजाल की तुम्हे कोई कुछ सीखा सके…

इस वहम से निकलो क्योंकि जो भी ऐसा वहम पाले हुए है उसका यही हाल है जो तुम्हारा है , किसी को दोष देने का कोई फायदा नहीं, स्वीकार करो की गलती तुम्हारी है , तुम्हारा नक्षत्र खराब नही है तुम्हारे कोई ग्रह खराब नही है, तुम्हरी कोई किस्मत विस्मत खराब नहीं है,
कुछ भी नहीं है ऐसा जो तुम्हारे लिए गलत हो, अगर गलत है तो वो हो तुम खुद…….

किस्मत साथ नहीं देती तो अपने माइंड को देखो उसकी शक्ति को पहचानो, ह्यूमन बिहेवियर को सीखो, सक्सेस स्टेप्स को सीखो।।।

भागो मत दुनिया से और टाइम को गँवाओ मत, कुछ सीखो कुछ बदलो। .
अगर ऐसे ही रहे तो वही मिलेगा जो मिलता आया है , मगर अगर वो पाना चाहते हो जो तुम्हे चाहिए तो फैसला करो अब तुम्हे ऐसे नहीं रहना है जैसे आज तक रहते आये हो। .